INPUT DEVICES OF COMPUTER / कंप्यूटर की आगत युक्तियां
परिभाषा
INPUT DEVICES कंप्यूटर का वह भाग है जो कंप्यूटर को INPUT INSTRUCTIONS अर्थात निर्देश देने के काम आते हैं
EXAMPLE :- जैसे हमे यदि किसी सामने खड़े व्यक्ति तक कोई संदेश पहुंचाना है तो हम अपने शरीर के अलग अलग इनपुट माध्यमों से सामने खड़े व्यक्ति तक संदेश पहंुचा सकते हैं जैसे मंुह से बोलकर , हाथ , या आंखो से ईशारा कर के ठीक उसी तरह कंपयूटर तक भी संदेश पहंुचाने के लिए अलग अलग माध्यमों की आवश्यक्ता रहती है , इन माध्यमों को ही इनपुट डिवाईस कहा जाता है
कंप्यूटर में प्रयोग होने वाली कुछ प्रमुख इनपुट डिवाईस निम्न है।
KEYBOARD, MOUSE, JOYSTICK, MICR, OCR , BCR , OMR , SCANNER ,TRACKBALL , LIGHTPEN ETC.
1. KEYBOARD
की बोर्ड कंप्यूटर की एक महत्वपुर्ण इनपुट डिवाईस है जिसका उपयोग कंप्यूटर में सूचनाओं को प्रविष्ट कराने के लिए किया जाता है
अलग अलग प्रकार के की बोर्ड में कीज की संख्या एक दूसरे से भिन्न हो सकती है।
एक आदर्श की बोर्ड में कीज की संख्या 104 तक होती हंे
दुनिया भर में सर्वाधिक प्रचलित की बोर्ड QWERTY KEYBOARD है जिसका आविष्कार क्रिस्टोफर लैथम शोलेज ने किया था।
CRYSTOPHER LATHEM SHOLES को ही कीबोर्ड का आविष्कारक माना जाता हंे
की बोर्ड को हिंदी में कुंजीपटल कहा जाता है।
2. MOUSE
माउस कंप्यूटर की एक अत्यंत महत्वपुर्ण डिवाईस हंे
यह भी की बोर्ड की तरह सुचनाओं को कंप्यूटर में प्रविष्ट कराने हेतु उपयोग में ली जाती हंे
लेकिन की बोर्ड के द्वारा हमें बहुत से कार्य करने के लिए कमांड याद करने की आवश्यकता रहती है वहीं पर माउस की सहायता से हम बिना कोई कमांड याद रखे , कोई भी कार्य माउस क्लिक की सहायता से संपादित कर सकते हंे
माउस का आविष्कार डगलस सी. एंगलबर्ट ने किया था।
एक आदर्श माउस में तीन भाग होते हैं
लेफ्ट बटन,राइट बटन,स्क्राॅल व्हील
माउस अपने इन तीन भागो से अलग अलग कार्य कर सकता है
LEFT BUTTON :-
माउस का यह भाग किसी भी आॅब्जेक्ट या एप्लिकेशन के आइकन को select करने , उसे खोलने , एक स्थान से दूसरे स्थान तक drag करके ले जाने के काम आता है। उपर दिये गये सभी कार्यो को करने के लिए माउस के left button से क्रमशः single click , double click, और hold & drag किया जाता है। इसके अलावा कुछ एप्लिकेशन जैसे कि MS WORD इत्यादि में किसी लाईन या पैराग्राफ को सलेक्ट करने के लिए माउस से TRIPLE CLICK किया जाता है
RIGHT BUTTON :-
माउस के RIGHT BUTTON के द्वारा हम किसी भी FILE या FOLDER पर RIGHT CLICK करके उसकी PROPERTIES चेक कर सकते है जैसे कि FILE TYPE, FILE SIZE, इत्यादि
SCROLL WHEEL
यह व्हील माउस के दोनो बटन अर्थात लेफ्ट एवं राईट के मध्य में स्थित होता है
जब हमें कोई एप्लिकेशन जैसे कि MS WORD इत्यादि में डाॅक्यूमेंट को उपर नीचे सरकाना हो तब हम स्क्राॅल व्हील का प्रयोग करेंगें। जब हमें डाॅक्यूमेंट में पेज की साईज को घटाना बढ़ाना हो तब हम CONTROL KEY के साथ SCROLL WHEEL का प्रयोग करेंगें
WORKING OF MOUSE
1. MOUSE HOVERING :-
जब हम कंप्यूटर डेस्कटाॅप स्क्रीन पर स्थित किसी भी फाईल , फाॅल्डर या एप्लिकेशन के आइकन पर माउस को लेकर जाते है तो उस फाईल या फाॅल्डर के आईकन के चारो और एक आयताकार बाॅक्सनुमा आकृति दिखाई देती है , और इस तरह से किसी भी आईकन के उपर माउस के द्वारा कर्सर को ले जाने की प्रक्रिया माऊस होवरिंग कहलाती है |
2. MOUSE SELECTION :-
डैस्कटाॅप या कंप्यूटर की किसी भी ड्राइव में पड़े हुए फाईल या फाॅल्डर के आइकन पर जब हम माऊस के द्वारा सिंगल क्लिक करते हैं तो वह आईकन सलेक्ट हो जाता है।
3. OPEN A FILE :-
कंप्यूटर की DESKTOP या किसी भी DRIVE में पड़े हुए FILE या FOLDER के ICON पर जब हम माऊस के द्वारा DOUBLE CLICK करते हैं तो वह फाईल या फाॅल्डर खुल जाता है, जिसमें हमें कार्य करना हो।
4. LINE/ PARAGRAPH SELECTION :-
कोई भी एप्लिकेशन जैसे कि MS WORD इत्यादि में जब किसी LINE या पुरे PARAGRAPH को सलेक्ट करना हो तब उस लाईन या पैराग्राफ के कोई भी एक अक्षर पर माउस की सहायता से TRIPLE CLICK करेंगें ऐसा करते ही वह लाईन या पैराग्राफ सलेक्ट हो जाऐगा।
3. BCR
BCR का पुरा नाम BAR CODE READER होता है, जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है बीसीआर एक ऐसी इनपुट डिवाईस है जिसके द्वारा किसी भी प्रोडक्ट अथवा वस्तु पर लगे हुए BAR CODE को रीड किया जा सकता है, किसी भी बार कोड रीडर से बार कोड को स्केन करते ही उस प्राॅडक्ट के बारे में सारी छिपी हुई जानकारी स्केन हो कर कंप्यूटर में चली जाती है । इन डिवाईसेस का प्रयोग मुख्य रूप से शाॅपिंग माॅल, ग्रोसरी स्टोर, इत्यादि पर प्राॅडक्ट स्केनर के रूप में किया जाता है
4. MICR
MICR का पुरा नाम MAGNETIC INK CHARACTER READER होता है , यह एक CHARACTER RECOGNITION पर आधारित मशीन होती जो बैंक इत्यादि में चैक प्रोसेसिंग के उपयोग में ली जाती है दरअसल बैक में चैक के नीचे की तरफ विशेष चुंबकीय गुणों से युक्त INK में एक गुप्त कोड लिखा होता है जिसे MAGNETIC INK CHARACTER CODE कहा जाता है , इसी को पढ़ने में इस डिवाईस का प्रयोग किया जाता है
MICR कोड से चैक की सुरक्षा बढ़ जाती है, MICR कोड 9 अंको का होता है जिसमें पहले 3 अक्षर शहर का नाम, अगले 3 अक्षर बैंक का नाम , और अंतिम 3 अक्षर ब्रांच कोड होता है।
यह भी माऊस की तरह एक पाॅइंटिग डिवाईस है जिसका कार्य कर्सर मुवमेंट आधारित है, इस इनपुट डिवाईस में एक बाॅल उपर की तरफ लगी रहती है जिसे अंगुलियों की सहायता से घूमाया जाता है , गेंद जिस दिशा में घूमती है पाॅइंटर उसी दिशा में घूमता है , यह बाॅल प्रायः लैपटाॅप कंप्यूटरों मे लगी रहती है इससे कार्य करना , माउस से कार्य करने की अपेक्षाकृत आसान होता है इसका प्रयोग CAD WORKSTATIONS में, AIR TRAFFIC CONTROL मे, जहांज पर SONAR SYSTEM इत्यादि मे ंइसका प्रयोग होता है
6. WEB CAMERA
वर्तमान दौर को इंटरनेट युग की संज्ञा दी गई है, और इस इस इंटरनेट यूग में दुनिया के एक कोने में बैठा व्यक्ति दूनिया के दूसरे कौने में बैठे व्यक्ति को विडियो काॅलिंग कर सकता है , इस विडियो काॅलिंग की अवधारणा में जिस INPUT DEVICE का महत्वपुर्ण योगदान रहा है वह है WEB CAMERA । डैस्कटाॅप कंप्यूटर की सहायता से विडियो चैट के लिए अलग से वेब कैमरा जोड़ा जाता है जबकि आजकल लैपटाॅप, स्मार्टफोन इत्यादि में वेब कैमरा पहले से इनबिल्ट होता है।
वेब कैमरा का उपयोग आजकल बहुतायत से सीसीटीवी कैमरा के रूप में भी होता है जंहां आपके दूकान मकान पर लगा हुआ कैमरा आपके स्मार्टफोन पर ही वहां की सारी जानकारी इनपुट करता रहता है
7. OMR
OMR जिसका पुरा नाम OPTICAL MARK READER है, इसका उपयोग OMR SHEET को जाँचने में होता है , ओएमआर पत्रक या OMR SHEET एक उतर पुस्तिका होती है जो आजकल विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं मे बहुविकल्पी प्रश्नो के उत्तर देने के लिए उपयोग में ली जाती है,परीक्षार्थी को ANSWER SHEET में सही विकल्प पर गोला करना होता है , परीक्षार्थियों की ये OMR SHEET ओएमआर मशीन से स्कैन की जाती है , यह ओएमआर स्कैनर मशीन OMR SHEET को जाँचने के बाद सभी परिक्षार्थियों के परिणाम वाले डेटा को कंप्यूटर में INPUT करवा देती है। यह प्रक्रिया पारंपरिक उत्तर पुस्तिका जाॅच प्रक्रिया से काफी सरल, सस्ती एवं कम समय लेने वाली होने से ओएमआर इनपुट डिवाईस आज भी पाॅपुलर बनी हुई है |
8. LIGHT PEN
LIGHT PEN एक पाॅइंटिग डिवाईस है जिसका उपयोग तब बहुतायत से किया जाता था जब माउस का आविष्कार नहीं हुआ था , इस डिवाईस का आविष्कार 1955 में हुआ जबकि माउस का आविष्कार 1964 में हुआ था, इस डिवाईस का उपयोग CRT कंप्यूटर पर डैटा को पाॅंइटआउट करने व हाईलाईट करने के काम आता था, LIGHT PEN का पुरा नाम SRT LIGHT PEN है , चित्र में LIGHT PEN का उपयोग करती हुई एक महिला को दिखाया गया है
9. JOYSTICK
जाॅयस्टिक एक ऐसी इनपुट डिवाईस है जो कर्सर मुवमेंट को चारो दिशाओं में निर्धारित कर सकती है , इस डिवाईस के शीर्ष पर एक स्टिक लगी हुई होती है जो कर्सर को इधर उधर घुमाने में सहायता करती है इस डिवाईस के पैंदे में एक बाॅल लगी रहती है जिसे पाॅटैशिंयोमीटर कहते है, यही बाॅल कर्सर की मुवमेंट को निर्धारित करती है, इस पाॅटैशियोंमीटर से स्टिक पुनः अपनी जगह पर लौट आती है। जाॅयस्टिक का उपयोग विडियो गेम इत्यादि खेलने में होता है , यह डिवाईस रेसिंग और मिशन गेम्स में काफी अच्छे से काम करती है।
10. DIGITIZER
डिजिटाईजर को डिजिटाईजर टैबलेट या ग्राफिक्स टैबलेट भी कहा जाता है, इस डिवाईस की सतह पर एक पैन जिसे STYLUS कहा जाता है उससे इमेज ग्राफिक्स या एनिमेशन को ड्राॅ किया जाता है, ठीक वैसे ही जैसे हम इमेज इत्यादि को पेपर पर ड्राॅ करते हैं यहाॅ पर जो कुछ भी ड्राॅ किया जाता है वो सारी इंफाॅर्मेशन इनपुट होकर कंप्यूटर मे जाती है , इस डिवाईस का उपयोग CAD साॅफ्टवेयर में होता है।
11. SCANNER
स्कैनर एक ऐसी इनपुट डिवाईस है जिसका उपयोग कंप्यूटर में हार्डकाॅपी डेटा को साॅफ्टकाॅपी डेटा में बदलने के लिए किया जाता है स्कैनर एक ऐसी इनपुट डिवाईस है जिसका उपयोग कंप्यूटर में हार्डकाॅपी डेटा को साॅफ्टकाॅपी डेटा में बदलने के लिए किया जाता है
EXAMPLE :- यदि हमें अपने किसी डाॅक्यूमेंट को किसी को ईमेल करना है तो उसके लिए हम सबसे पहले अपने डाॅक्यूमेंट को स्केनर की सतह पर रखकर स्केन करेंगे , ऐसा करते ही हमारे आॅरिजनल हार्डकाॅपी डाॅक्यूमेंट की एक साॅफ्टकाॅपी तैयार हो जाऐगी , जिसकी हम प्रिंटर की सहायता से और प्रतियां भी निकाल सकते है या जिसे चाहे उसे इमेल भी कर सकते हैं। अन्य पैरिफेरल डिवाईस की तरह स्कैनर को चलाने के लिए भी कंप्यूटर में उसका ड्राइवर साॅफ्टवेयर होना जरूरी है।

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